
सनातन गुरुकुल
सनातन गुरुसनातन गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, स्वअनुशासन और आत्मबोध की साधना भूमि है—जहाँ विद्यार्थी ज्ञान के साथ चरित्र, स्वास्थ्य और जीवन-दृष्टि का निर्माण करता है, ताकि वह स्वयं, समाज और राष्ट्र को सशक्त बना सके।
गुरुकुल का उद्देश्य शिक्षा को केवल ज्ञान तक सीमित न रखकर संस्कार, चरित्र और चेतना से जोड़ना है। योग–प्राणायाम, नैतिक शिक्षा व भारतीय संस्कृति के माध्यम से विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और आत्मिक विकास सुनिश्चित किया जाता है।
संस्कारयुक्त शिक्षा – सशक्त भविष्य
परिचय
विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण करना।
योग–प्राणायाम व स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से शारीरिक–मानसिक विकास।
भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्य और नैतिक शिक्षा का संवर्धन।
आत्मबोध, सकारात्मक सोच और जीवन उद्देश्य का विकास।
विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, स्वदेशी और कौशलयुक्त बनाना।
राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व और सेवा भावना जागृत करना।
गुरुकुल उद्देश्य
निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाएँ
सनातन परिवार द्वारा समाज के सभी वर्गों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाएँ नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। इन कक्षाओं का उद्देश्य सनातन ज्ञान को सरल, शुद्ध और व्यावहारिक रूप में जीवन से जोड़कर प्रत्येक घर को एक सशक्त गुरुकुल के रूप में विकसित करना है।


शीघ्र प्रारम्भ होने वाली कक्षाएँ
वेद, उपनिषद एवं धर्मशास्त्र
न्यायशास्त्र एवं विधि का आधार
भारतीय इतिहास, समाज एवं राजनीति
ज्योतिष, वास्तु एवं खगोलशास्त्र
विज्ञान एवं सनातन दृष्टि
अर्थशास्त्र एवं स्वदेशी अर्थव्यवस्था
आयुर्वेद, शरीर विज्ञान एवं प्राकृतिक चिकित्सा
पाकशाला एवं गृहविज्ञान
स्वावलंबन, स्वरोजगार एवं कर्ज-मुक्त जीवन
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति साधना
भाषा एवं व्याकरण – हिन्दी, संस्कृत व भारतीय भाषाएँ
वैदिक गणित एवं सामान्य गणित – मानसिक व जीवनोपयोगी गणना
सामान्य ज्ञान एवं राष्ट्रबोध – इतिहास, संस्कृति व राष्ट्रीय चेतना
सनातन ग्रन्थ ज्ञान – वेद, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत
नैतिक एवं संस्कार शिक्षा – जीवन मूल्य व चरित्र निर्माण
वैदिक दिनचर्या – आहार–विहार, ऋतुचर्या
योग एवं प्राणायाम – शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य
स्वर विज्ञान – नाद, मंत्र व चेतना विज्ञान
स्वास्थ्य संरक्षण – आयुर्वेदिक व प्राकृतिक उपाय
प्राकृतिक खेती एवं पशुपालन – जैविक व गौ-आधारित कृषि
संचालित निःशुल्क कक्षाएँ
मुख्य पाठ्यक्रम क्षेत्र
शिक्षा, संस्कार एवं चरित्र निर्माण – वैदिक एवं नैतिक शिक्षा, अनुशासन, जीवन मूल्य
योग–प्राणायाम एवं स्वास्थ्य संरक्षण – शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य
भारतीय संस्कृति व सनातन व्यवस्था – परंपरा, संस्कार, ज्ञान, राष्ट्रबोध
जीवन कौशल शिक्षा – आत्मबोध, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन
शैक्षिक मार्गदर्शन – अध्ययन विधि, एकाग्रता व लक्ष्य निर्धारण
स्वावलंबन व आत्मनिर्भरता – कौशल विकास, स्वदेशी दृष्टि
शुद्ध भोजन एवं शुद्ध वातावरण – प्राकृतिक व जैविक कृषि, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण




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“शिक्षा के माध्यम से संस्कार”


